MWC : बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में जियो प्लैटफॉर्म्स लिमिटेड के ग्रुप CEO मैथ्यू ओमेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं बल्कि पूरी इकोनॉमी के लिए रीसेट बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दुनिया “मिनट्स और बाइट्स” से आगे बढ़कर “टोकन्स और इंटेलिजेंस” की नई अर्थव्यवस्था में प्रवेश कर रही है।
MWC AI और टेलीकॉम का इंटीग्रेशन

मैथ्यू ओमेन ने बताया कि AI और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का मेल एक ऐसा इंटेलिजेंट आर्किटेक्चर बनाएगा, जो रियल-टाइम सोच और निर्णय में सक्षम होगा। यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं बल्कि आर्थिक और राष्ट्रीय नेतृत्व को भी प्रभावित करेगा। ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट, फाइनेंस और सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में इंटेलिजेंस एम्बेड करना भविष्य की मजबूरी होगी। जियो का उद्देश्य “टोकन-पर-वॉट” को सबसे कम लागत पर उपलब्ध कराना है।
MWC जियो: नेटवर्क प्रोवाइडर से ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ निर्माता तक
जियो अब खुद को सिर्फ नेटवर्क प्रोवाइडर नहीं बल्कि ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ का निर्माता मान रहा है। ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक निवेश से संकेत मिलता है कि AI युग आने वाले वर्षों में हर सेक्टर की दिशा तय करेगा। नीचे दी गई टेबल में जियो की विभिन्न टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन और उनका उद्देश्य दिखाया गया है।

| टेक्नोलॉजी/सर्विस | उद्देश्य | लाभ |
|---|---|---|
| AI टोकन्स | रियल-टाइम इंटेलिजेंस सेवाएं | कम लागत, पर्सनलाइज्ड अनुभव |
| टोकन-पर-वॉट मॉडल | डेटा/कनेक्टिविटी सेवाओं में लागत कम करना | सभी यूजर्स के लिए किफायती |
| इंटेलिजेंस ग्रिड | मशीन-टू-मशीन और ऑटोमेटेड डिसीजन | सेक्टर्स में स्मार्ट ऑपरेशन |
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी आधिकारिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श करें।